हमने स्वीकार कर लिया, तुम्हें स्वीकार नही।
ये ज़िंदगी उसे हर रोज़ थोड़ा और रुलाती है…
ये दुनिया आँसू देखकर भी तमाशा ढूँढती है।
सुना है कोई है नही तुम्हारे पास मन बहलाने को
सिर्फ खुशियों के सहारे ज़िन्दगी कटती नहीं।
अदा कातिल, निगाह कातिल, जुबां कातिल बयां कातिल,
आँसू बता देते हैं कि दर्द कितना गहरा है,
मैं फिर से निकलूंगा तेरी तलाश मैं ए-जिंदगी,
बहुत उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी.
चार घर की दूरी है, और बीच में सारा जमाना है…!!!
न जाने तन्हाई में कितने अश्क बहाते हैं।
दर्द तो तब हुआ… जब पता चला तीर चलाने वाले Sad Shayari in Hindi अपने ही निकले।
अच्छे होते हैं वो लोग जो आकर चले जाते हैं,
हमे पता है की तुम कहीं और के मुसाफिर हो,